
अंक के प्रमुख आकर्षण
- विवाद: चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति – उर्मिलेश
- कुंभ : महाकुंभ की पीड़ा – बादल सरोज
- कुंभ : नहाने लायक नहीं है गंगा-यमुना… – जे.पी. सिंह
- दिल्ली चुनाव : आखिर कब तक चुनाव हारता आम… – अरुण कुमार त्रिपाठी
- दिल्ली चुनाव : चुनावी हार से बड़ी है एक सपने की… – योगेन्द्र यादव
- एआई : बर्बाद हो सकता है पर्यावरण – डॉ. ओ.पी. जोशी
- महिला अदालत : कुछ जरूरी सवाल – सचिन श्रीवास्तव
- मूल निवासी : आदिवासी कहाँ हैं हमारे जीवन में? – राजेश बादल
- साम्प्रदायिकता : संभल की नई प्रयोगशाला – गुंजन सिंह, शरद जायसवाल
- विचार : धीरे धीरे मरता एक देश – महेंद्र मिश्र
- नागरिकता : गुजराती क्यों भारत से भाग रहा है? – अजीत द्विवेदी
- खतरे में मानवता : उत्तराखण्ड में बढ़ती सांप्रदायिकता – चारु तिवारी
- संविधान : सेकुलर संविधान पर अदालती मोहर – प्रमोद मीणा
- संयुक्त राष्ट्र : अन्तर्राष्ट्रीय निगम और मानवाधिकार – गोपाल कृष्ण
- शहादत : धर्म-जाति के घेरे में शहीद क्रांतिकारी – सुधीर विद्यार्थी
- विकृति : इंडिया गॉट वल्गर – निशांत आनंद
- सांप्रदायिकता : मर्दों के लिए त्रिशूल और औरतों के… – सुभाष गातांडे
- बेबाक – गजा मुझे दे दो – सहीराम